Thursday Aug 28, 2025

Saar सार

सार 

सत्य बाहरी आडंबरों और शब्दों में नहीं, वह मूल में है, सार में है। जब मन सतही परतों को छोड़कर भीतर उतरता है, तब उसे ज्ञात होता है कि वास्तविकता का हृदय ही सत्य है। बाहरी रूप बदलते हैं, परंतु सार अपरिवर्तनीय रहता है—और वही सत्य है।

नमस्ते।

 

Comment (0)

No comments yet. Be the first to say something!

Copyright 2025 All rights reserved.

Podcast Powered By Podbean

Version: 20241125